जिन्दगी समझना
- Kishori Raman
- Sep 22, 2024
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ज़िंदगी में कभी हार कर देखो
किसी से आंखे चार कर देखो
जीने का अंदाज बदल जाएगा
तुम किसीसे प्यार कर के देखो
जिन्दगी किताबों से नही चलती
जुबान ही सब कुछ नही कहती
बहते आसुओं की भाषा समझो
बिना मतलब के वो नही बहती
बिना कहे सब समझ जाते हैं
और बुरे वक्त में काम आते हैं
प्यार दोस्ती कुछ भी नाम दो
मन का मीत वही कहलाते हैं
जो रिश्तों को ब्यापार बनाते है
कुछ देकर एहसान जताते हैं
उनसे दूर रहना ही बेहतर है
जो खुद को महान बताते है
तुम तन को नही मन को देखना
अहम का चश्मा उतार फेंकना
प्रेम की इबारत तब पढ़ पाओगे
इसे पूजा और जिन्दगी समझना
किशोरी रमण
आप सब खुश रहें, स्वस्थ रहें और मस्त रहें
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